
केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत वर्तमान और रिटायर केंद्रीय कर्मचारियों के भत्तों, पेंशन और वेतन में महंगाई दर के अनुरूप रिवाइज किया जाएगा। इसकी घोषणा केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जनवरी में की थी, लेकिन तब से इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि इसके क्या लाभ होने की संभावना है और इसे कब लागू किया जाएगा। बता दें कि भविष्य के कदम ‘संदर्भ की शर्तों’ या टीओआर पर निर्भर हैं। हालांकि, इसके बारे में नेशनल काउंसिल-संयुक्त एडवाइजरी सिस्टम के कर्मचारी पक्ष के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने एनडीटीवी प्रॉफिट को बताया है कि इसे ‘जल्द से जल्द’ मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
क्या है डिटेल
केंद्रीय कर्मचारी का वेतन कैसे संरचित होता है और टीओआर उस पर कैसे प्रभाव डालता है। आइए जानते हैं डिटेल में…
केंद्र सरकार के कर्मचारियों का सैलरी स्ट्रक्चर
एक सरकारी कर्मचारी के वेतन में मूल वेतन, महंगाई भत्ता (डीए), मकान किराया भत्ता (एचआरए) और परिवहन भत्ता शामिल होता है। एंबिट इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों का मूल वेतन उनकी कुल आय का 51.5 प्रतिशत होता है-
DA लगभग 30.9 प्रतिशत,
HRA लगभग 15.4 प्रतिशत और
यात्रा भत्ता लगभग 2.2 प्रतिशत होता है।
जानिए क्या है ToR, इसकी आवश्यकता क्यों है?
ToR एक ढांचा है जो वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र को परिभाषित करता है और उन क्षेत्रों को निर्दिष्ट करता है जिनमें उसे सिफारिशें देनी होती हैं। ToR के अभाव में, आयोग को आधिकारिक मान्यता नहीं मिलती और वह अपने कार्य शुरू नहीं कर पाता, जिससे वेतन आयोग के कार्यान्वयन के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। इसके बिना, आयोग द्वारा किए गए संशोधनों, जिनमें मूल वेतन संरचना, भत्ते, पेंशन संशोधन और अन्य परिवर्तन शामिल हैं, पर निर्णय लागू नहीं होंगे।
आठवां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें कब प्रस्तुत करेगा?
एंबिट इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें 2025 के अंत तक प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है और जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक कार्यान्वयन रिपोर्ट के पूरा होने, सरकार को प्रस्तुत किए जाने और उसकी सिफारिशों के अप्रूवल पर निर्भर करेगा।
आठवें वेतन आयोग से किसे लाभ होगा?
रिपोर्ट में कहा गया है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें वित्त वर्ष 27 में लागू होने की उम्मीद है और इससे सरकारी वेतन और पेंशन में 30-34 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। इससे एक करोड़ से ज़्यादा केंद्र सरकार के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लाभ होने की उम्मीद है – लगभग 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी, जिनमें रक्षा कर्मी भी शामिल हैं; और लगभग 65 लाख केंद्र सरकार के पेंशनभोगी, जिनमें रक्षा सेवानिवृत्त कर्मचारी भी शामिल हैं।




